Protection from Child Marriage

Protection From Child Marriage

Child Marriage is defined as a marriage of a girl or boy before the age of 18 and refers to both formal marriages and informal unions in which children under the age of 18 live with a partner as if married. Child marriage affects both girls and boys, but it affects girls disproportionately, especially in South Asia.

बाल विवाह बच्‍चों के अधिकारों का अतिक्रमण करता है जिससे उनपर हिंसा, शोषण तथा यौन शोषण का खतरा बना रहता है। बाल विवाह लड़कियों और लड़कों दोनों पर असर डालता है, लेकिन इसका प्रभाव लड़कियों पर अधिक पड़ता है। किसी लड़की या लड़के की शादी 18 साल की उम्र से पहले होना बाल विवाह कहलाता है।

बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 (Prohibition of Child marriage Act 2006) का एक है जो 01 नवम्बर 2007 से लागू हुआ। इस अधिनियम के अनुसार, वह है जिसमें लड़के की उम्र 21 वर्ष से कम या लड़की की उम्र 18 वर्ष से कम हो। ऐसे को बाल विवाह निषेध अधियिम 2006 द्वारा प्रतिबंधित किया गया है।

बाल विवाह करने पर कौन सी धारा लगती है?
बाल विवाह रोकथाम अधिनियम, 2006 की धारा 2 (a) के तहत, बाल विवाह एक प्रकार का विवाह है जिसमें किसी एक तरफ से विवाह करने वाला व्यक्ति बच्चा है । | तहत 18 वर्ष से कम आयु की लड़की तथा 21 वर्ष से कम आयु के लड़के को बच्चे के रूप में परिभाषित किया गया है